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रथयात्रा : महत्व – त्योहार की जानकारी।

परिचय:  

रथयात्रा – महत्व त्योहार की जानकारी। रथयात्रा एक भव्य त्योहार है जिसमे रथो को भक्तो के द्वारा जगन्नाथ मंदिर से लेके गुनदीचा मंदिर तक लाया जाता है  जिस भव्य और पवित्र मौके का भाग लेने हर साल कई लाखो करोड़ों लोग ओड़ीशा के पूरी सहर मे जाते है।

आइए जानते है रथयात्रा के पीछे की कहानी, कुछ सवालो के जवाब और रथयात्रा का महत्व सांस्कृतिक, धार्मिक और आर्थिक रूप से।

Krupasindhu Muduli, CC BY-SA 3.0 https://creativecommons.org/licenses/by-sa/3.0, via Wikimedia Commons

क्या होती है रथ यात्रा?

रथयात्रा एक त्योहार है जो पूरी सहर, ओड़ीशा मे मनाया जाता है, वैसे तो ये पूरे देश मे मनाया जाता है लेकिन पूरी मे मुख्य रूप से, इस त्योहार मे बड़े रथो को सजाया जाता है खूबसूरत कारीगरों की करिगिरी से जिसमे मुख्य रूप से दो देवताओ और एक देवी को जगन्नाथ मंदिर से गुंडीचा मंदिर तक ले जाया जाता है, गुनदीचा मंदिर श्री जगन्नाथ भगवान की मामी का घर माना जाता है।

उन भव्य रथो में किसे लेके जाया जाता है ?

उन बड़े- भव्य रथो मे महान देव जगन्नाथ, उनके बड़े भाई श्री बलभद्र (बलरामा), उनकी बहन सुभद्रा जिनहे पूरी मे “पूरी के त्रय”नाम से बुलाया जाता है। उन रथो को भव्य और बहुत आकर्षिक बनाया जाता है, अलग अलग प्रकार के रंगो से उन रथो को कुछ इस प्रकार सजाया जाता है जिसे देखने के लिए राष्ट्रिय और अन्तराष्ट्रिय स्तर पर लाखो करोड़ों लोगो की भिढ़ लगती है।

SoumilyaDe, CC BY 4.0 https://creativecommons.org/licenses/by/4.0, via Wikimedia Commons

रथयात्रा क्यू मनाया जाता है?

भगवान श्री जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा को ओड़ीशा राज्य में सर्वोच्च रूप से माना जाता है, क्योंकि हिन्दू धर्म में तीन सर्वोच्च भगवान को पुजा जाता है, पहले भगवान ब्रह्मा, दूसरे भगवान विष्णु और तीसरे भगवान शिव।

भगवान श्री जगन्नाथ को भी विष्णु जी का ही एक अवतार माना जाता है।

जगन्नाथ मंदिर या श्री मंदिर के अंदर मुख्य रूप से इनहि देव और देवी की पुजा की जाती है। जगन्नाथ मंदिर से गुनदीचा मंदिर तक इन भव्य रथो को लेके जाने के पीछे का इतिहास भी यही है के गुनदीचा मे स्थापित मंदिर भगवान श्री जगन्नाथ जी की मामी का था- है। रथो को हर साल गुनदीचा मंदिर तक लेके जाना उसी अवसर का स्मरण कराती है।

Government of Odisha, CC BY 4.0 https://creativecommons.org/licenses/by/4.0, via Wikimedia Commons

भगवान श्री जगन्नाथ कौन है?

भगवान जगन्नाथ को हिन्दू धर्म मे सर्वोच्च भगवनों में से एक माना जाता है। गहरा रंग, गोलाकार चेहरा और लगातार ताकती हुई आँखें उनके चेहरे का पात्र है। भगवान जगन्नाथ, क्यूंकी, भगवान विष्णु के ही एक अवतार थे इस वजह से उन्हे हिन्दू धर्म के सर्वोच्च भगवनों में से एक माना जाता है।

श्री कृष्ण भी विष्णु जी के ही अवतार थे, श्री जगन्नाथ- कृष्ण- और विष्णु भगवान, सब एक ही है। 

श्री जगन्नाथ, कुल मिलाकर प्यार और करुणा के महत्व है।

आर्थिक महत्व क्या है रथ यात्रा का?

रथ यात्रा के वजह से खूब सारे राष्ट्रिय और अन्तराष्ट्रिय यात्री, यात्रा करते है, जिस वजह से सरकार के हाथो मे कई प्रकार से पैसा आता है। रथयात्रा के वजह से भारत मे आर्थिक उछाल दिखाई पड़ता है।

  1. पर्यटन उधयोग: ज्यादा यात्रियों के इधर उधर जाने की वजह से पर्यटन उधयोग को काफी मुनाफा होता है, परोक्ष रूप से सरकार को काफी मानफा मिलता है।
  2. आतिथ्य उधयोग: ज्यादा यात्री मतलब ज्यादा कमरें और लॉज की बूकिंग की जाती है, जिस वजह से आतिथ्य ( hospitality) उधयोग में एक उछाल देखने मिलती है, इससे भी सरकार को फायदा होता है।
  3. स्थानीय विक्रेताओं: क्योंकि यह त्योहार बहुत से लोगो को आकर्षिक करता है, इसी वजह से वह के स्थानीय विक्रेताओं / स्थानीय समान बेचनेवालों को अच्छा खासा मुनाफा होता है।
  4. रोजगार: यात्रियों की बढ़ती संख्या , मार्केट मे सप्लाइ को कम कर देती है और डिमांड मार्केट मे बढ्ने के वजह से और भी लोगो को रोजगार मिलता है, अर्थात लोगो को और रोजगार मिलता है ऐसे शुभ अवसरों पर।
  5. कलाकार: रथयात्रा के शुभ अवसर पर बड़े बड़े रथो को खूब ही कारिगिरि के साथ भिन्न भिन्न प्रकारो के रंग और कलकारी के साथ बोहोत ही आकर्षिक बनाया जाता है, जिसे देखने लाखो करोड़ों मे भिढ़ आती है, और इसी मौके को अच्छे से उपयोग करने के लिए कलाकार अपने पूरे साल मे बनाई गयी ओड़ीशा की इतिहास से जुड़ी कलकारियों को लोगो के सामने रखते है, जिससे उन्हे भी अच्छा खासा मुनाफा होता है।

Sumita Roy Dutta, CC BY-SA 4.0 https://creativecommons.org/licenses/by-sa/4.0, via Wikimedia Commons

सारांश:

रथयात्रा – महत्व त्योहार की जानकारी। हमें होना काफी जरूरी है , भगवान श्री जगन्नाथ जी को हिन्दू धर्म में सर्वोच्च माना जाता है। जगन्नाथ जी एकता और गरिमा को दर्शाते है। हर साल रथो को लगभग तीन किलोमीटर तक डगराया जाता है लाखो करोड़ों भगतो के द्वारा, जिसे देखने लाखो करोड़ो की भिढ़ इखट्ठा होती है। रथो को जगन्नाथ मंदिर से गुनदीचा मंदिर तक लेके जाना, भगवान श्री जगन्नाथ जी का उनके मामी के घर जाने का स्मरण कराती है, जो की गुनदीचा मंदिर  है। लाखो करोड़ो की भिढ़ भव्य रथो को देखने और भगवान श्री जगन्नाथ, बलरमा और सुभद्रा जी को देखने इकठ्ठा होती है।

रथयात्रा लोगो के प्रेम और भक्ति भगवान श्री जगन्नाथ, बलरमा और सुभद्रा का महत्व दर्शाती है। रथयात्रा न केवल सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि आर्थिक महत्व भी रखता है।

अभी भी करोड़ों लोगो की भिढ़ श्री जगन्नाथ मंदिर पे होना, लोगो का प्रेम उन सकारात्मक ऊर्जाओन की तरफ होने का प्रतीक है।

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